जोहार जय श्रीराम झारखंड में हो गया काम झारखंड में हुआ खेला ?

झारखंड की राजनीति मानो इन दिनों उफान पर हो झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सदस्यता चले जाने के बाद कौन होगा झारखंड का अलग मुख्यमंत्री इसको लेकर के भी चर्चाएं गर्म है ऐसे में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सत्ता दल के विधायकों की बैठक बुलाई गई थी जिसमें करीब 10 से अधिक विधायक इस बैठक में नहीं पहुंच सके इसके बाद से ही झारखंड की राजनीति की दिशा बदली सी लग रही है वैसे में झारखंड की राजनीति में एक बड़ा भूचाल आने की आहट दिखाई दे रही है भाजपा सांसद निशिकांत दुबे जो लगातार सरकार को लेकर ट्वीट के जरिए लोगों तक अपनी बात पहुंचा रहे हैं वैसे में एक बार फिर उनके ट्विटर ने बड़ा विस्फोट किया है भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के इस ट्विटर के माध्यम से किए गए पोस्ट से यह पता चल रहा है कि क्या झारखंड में कुछ नया होने वाला है क्या झारखंड में खेला हो गया है क्योंकि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने ट्वीट कर यह लिखा जोहार जय श्रीराम झारखंड में हो गया काम आखिरकार पोस्ट के कई मायने निकलकर सामने आ रहे हैं एक ओर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सदस्यता रद्द होने की कयास भाजपा लगा रही है तो दूसरी ओर आयोग के पास फैसला सुरक्षित रखा गया है मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी अंदेशा है कि अगर हमारी सदस्यता जाती है तो आगे का कार्यभार कौन संभालेगा उसको लेकर के अनौपचारिक तौर पर एक बैठक रांची में सत्ता दल के विधायकों के साथ की गई हालांकि इस बैठक के बाद कहा गया कि राज्य में विकास कैसे किया जाए इस पर इस बैठक के जरिए चर्चा की गई लेकिन वही मंत्रियों ने कहा हेमंत सोरेन ही रहेंगे मुख्यमंत्री इन सब चीजों से यह साफ हो रहा है कि यह बैठक राज्य के विकास के लिए नहीं बल्कि आगे के राजनीतिक समस्याओं का समाधान कैसे हो इसके लिए किया गया हो यह भी इस बैठक में बेहद चर्चा का विषय रहा होगा कि अगर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सदस्यता जाती है तो झारखंड का अगला मुख्यमंत्री कौन रहेगा

वैसे में अब भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के इस ट्वीट के बाद झारखंड की राजनीति में मानो भूचाल सा आ गई है ऐसा माना जा रहा है कि क्या झारखंड में भाजपा ने खेला कर दिया है आखिरकार भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने ट्विटर के जरिए यह क्यों कहा कि जोहार जय श्रीराम झारखंड में हो गया काम आखिरकार जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी पर अन्य राज्यों में विधायकों को तोड़ कर सत्ता हासिल करने का मामला सामने आते रहता है वैसे मैं झारखंड में हो गया काम इस बात का अंदेशा साफ कर रहा है कि आखिरकार झारखंड की राजनीति में कुछ नया हो गया है अब देखना होगा कि क्या निकल कर आता है क्योंकि अब से 2 से 3 दिनों के भीतर ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सदस्यता रहेगी या बचेगी इस पर फैसला आ जाएगा जिसके बाद यह साफ होगा कि आखिरकार झारखंड का कमान अब कौन संभालेगा बरहाल भाजपा के सांसद के इस ट्वीट को राजनीतिक विशेषज्ञ भी बेहद ही गंभीरता से ले रहे हैं और यह अंदेशा लगाना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि झारखंड की राजनीति में कुछ नया होने वाला है

 

 

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