Jharkhand News: झारखंड के पारा शिक्षकों की उम्मीद तब बड़ी जब हेमंत सोरेन की सरकार ने पारा शिक्षकों को लेकर के बड़ा ऐलान किया ऐसे में एक बार फिर से अब पारा शिक्षकों की भड़ास सरकार पर देखने को मिल रही है झारखंड के पारा शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ पीएम बिगुल बजाना शुरू कर दिया है ।

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव के. रवि कुमार ने मंगलवार को पारा शिक्षकों (सहायक अध्यापकों) से दो टूक कहा है कि उनके साथ समझौता में जिन मांगों पर सहमति बनी है, उन्हें निश्चित रूप से पारा शिक्षकाें को दिया जाएगा। समझौते के अलावा उन्हें कुछ नहीं मिलेगा। उन्होंने पारा शिक्षकों के एक गुट झारखंड राज्य प्रशिक्षित सहायक अध्यापक संघ के प्रतिनिधिमंडल से स्पष्ट रूप से कहा

उन्होंने कहा कि पारा शिक्षक वेतनमान की मांग नहीं करें, क्योंकि समझौता में यह अंकित नहीं है। वेतनमान की मांग करना समझौता का उल्लंघन है। सचिव ने पारा शिक्षकों से यह भी कहा कि यदि वे समझौता का उल्लंघन करते हैं तो सरकार भी समझौते को लेकर पीछे हट सकती है। हालांकि उन्होंने सभी समस्याओं के निदान को लेकर पदाधिकारियों की शीघ्र बैठक बुलाने का आश्वासन दिया।

इधर, पारा शिक्षकों के दूसरे गुट टेट सफल सहायक अध्यापक संघ के बैनर तले राज्य भर के टेट उत्तीर्ण पारा शिक्षकों ने सरकारी शिक्षक के पद पर सीधे समायोजन व वेतनमान की मांग को लेकर राजभवन के समीप धरना-प्रदर्शन किया। पारा शिक्षकों ने मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर 15 नवंबर को झारखंड स्थापना दिवस के अवसर पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद कुमार ने कहा कि टेट उत्तीर्ण पारा शिक्षक एनसीटीई और एनईपी के सभी मानकों को पूरा करते हुए सरकारी शिक्षक बनने की पूरी अहर्ता रखते है। महाधिवक्ता की राय भी उनके पक्ष में है। पारा शिक्षकों ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव के नाम पर अपनी मांगों के संदर्भ में धरना स्थल के लिए नियुक्त मैजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा।

 

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