3 सितंबर को गम्भीर रूप से बीमार हुई सुहानी सांगा को कल पारस अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया ।

ज्ञात हो कि सुहानी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट बनाने के दौरान विस्थापित हुई थी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उसे पुनर्वास का आश्वासन दिया था । मुख्यमंत्री से मुलाक़ात कर घर लौटने के बाद शाम में अचानक से उसकी तबियत बिगड़ गई थी । मामले की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री  हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री श्री बन्ना गुप्ता के निर्देश पर उसे पारस अस्पताल, धुर्वा में ले ज़ाया गया जहां उसका इलाज न्यूरो विभाग में डॉक्टर संजय कुमार और डॉक्टर पैट्रिक मिंज की देख रेख में शुरू हुआ।

भर्ती होने के बाद ही स्थिति में सुधार होने पर उसे अगले दिन ही icu से वार्ड में शिफ़्ट कर दिया गया था।

मेडिकल डायरेक्टर डॉक्टर संजय कुमार ने राज्य सरकार का आभार जताते हुए कहा की सरकार और ज़िला प्रशासन की त्वरित कार्यवाही के कारण सुहानी के परिजन उसे बिना देरी किये अस्पताल पहुँचने गए। इससे ना सिर्फ़ उसकी जान बच गई बल्कि काफ़ी जल्द ही ठीक भी हो गई।

सुहानी ने पारस अस्पताल में डॉक्टरों का आभार जताते हुए कहा की राज्य सरकार के सहयोग के बिना इतना उच्चस्तरीय ईलाज संभव नहीं था।

अस्पताल के खुले और शुद्ध वातावरण की भी प्रशंसा करते हुए उसने कहा की यहाँ उसकी तबीयत में और जल्द सुधार आया।

डिस्चार्ज के समय मेडिकल डायरेक्टर डॉक्टर संजय कुमार, फ़ेसिलिटी डायरेक्टर डॉक्टर नितेश, न्यूरोसर्जन डॉक्टर पैट्रिक मिंज, डॉक्टर रमेश दास एवं डॉक्टर अनुज मौजूद रहे

 

 

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