झारखंड की इस घाटी में दुर्घटना के बाद भी 15 घंटों तक आवागमन है बाधित लोग परेशान

झारखंड के ऐसी घाटी जो झारखंड ही नहीं नेशनल हाईवे से गुजर कर जा रहे कार्यों एवं लोगों में खौफ का माहौल पैदा करती है दरअसल झारखंड के इस घाटी को लेकर कई बार सरकारी महकमा भी जांच पड़ताल कर दुरुस्त करने का प्रयास कर चुकी परंतु बीते कई सालों से कई दर्दनाक हादसे इसी घाटी में हो रहा है दरअसल अब आप दो घाटियों की तुलना इस खबर को देखने के बाद कर रहे होंगे पहला रामगढ़ का छोटू पाली घाटी और दूसरा हजारीबाग के चौपारण घाटी

 

बिल्कुल सही सोचा आपने या खबर इन्हीं दो घाटी में किसी एक हाथी की खबर है दरअसल हजारीबाग जिले का चौपारण घाटी हिंदी में हो फिर चर्चाओं में आ गया है इससे पहले गैस टैंकर के पलटने की वजह से लगी आग से कई किलोमीटर तक जंगलों में आग की लपटें देखी गई थी जिंदा कई लोग जल गए थे

वैसे मैं वह खबर पूरे देश में आग की तरह फैला था कि किस तरह का घटना चौपारण की घाटी में घटा है इससे पहले भी महारानी बस की टक्कर टेलर से हुई थी जिसमें कई लोगों की जान गई ऐसे में आज भी एक ऐसी घटना हजारीबाग के चौपाटी में घटी है जिसके बाद से ही वहां के लोगों में डर का माहौल है प्रशासन में अफरा-तफरी का माहौल है प्रशासन की पूरी इस घटना को शांत करने में जुटा हुआ है

घटना करीब 8:00 बजे का बताया गया है गैस टैंकर के पलट जाने के बाद गैस का रिसाव दूर-दूर तक हो गया जिसके बाद से ही अफरा-तफरी का माहौल हुआ मौके पर लेट से पहुंची दमकल जिसका इंतजार कर रहे थे जिसके बाद से धीरे-धीरे पूरे घटना को काबू में लाने का प्रयास शुरू कर दिया गया है गाड़ियों को कई किलोमीटर दूर पहले ही रोक दिया गया है ताकि किसी भी तरह से बड़ी अनहोनी होने से उसे रोका जाए अब आप सोच रहे होंगे कि आखिरकार कितनी गाड़ियों को रोका गया 15 घंटों से नेशनल हाईवे पर गाड़ियों को रोक दिया जाए तो

 

आप सोच सकते हैं कि आखिरकार किस तरह से जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी दरअसल 15 घंटे से अधिक समय तक कई गाड़ियों को रोका गया है जिसके बाद से ही आवागमन पूरी तरह से बाधित हो चुकी है जब तक गैस के रिसाव के क्षेत्रों पर काबू नहीं पाया जा सकता है तब तक आवागमन बाधित रहेगी दरअसल यह जान माल की हानि से बचाने के लिए की गई खबर तो आपको बिल्कुल छोटी लग रही होगी लेकिन इस खबर की गहराई में जाकर कि आखिरकार इस घाटी में इससे बड़ी बड़ी घटनाएं घट चुकी है लेकिन अब तक कोई बड़ी कार्यवाही क्यों नहीं हो सकती है इस

घाटी को लेकर के क्यों नहीं शोध हुआ है क्या बाजार आती है जिसके वजह से गाड़ियों के पलट जाने की बातें लगातार सामने आ रही है लगातार यह खबर आती है आखिरकार क्या बनाते वक्त किसी तरह से त्रुटि आई है या फिर इस नेशनल हाईवे बन जाने के बाद इसमें कुछ और सुधार किए जाने की आवश्यकता है इन तमाम चीजों पर केंद्र सरकार तक जानी चाहिए तभी हो सकेगा के तरफ से किन चीजों का अनुपालन करना होगा जिससे लगातार हो रहे सड़क दुर्घटना को रोका जा सके , चौपारण घाटी किया खबर पढ़ रहे थे आप जहां गैस के टैंकर के पलट जाने से क्षेत्र में गैस का रिसाव की वजह से 15 घंटों से अधिक बीत जाने के बाद भी आवागमन का बाधा लोगों को झेलना पड़ता है आम लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जाने में परेशानिया हो रही है

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